Union Budget 2026–27: What Stands Out, Where the Money Goes, and How the Market Reacts
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1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वां बजट पेश किया। इस बार सरकार ने कुल खर्च का अनुमान करीब ₹53.47 लाख करोड़ लगाया है। अलग-अलग मंत्रालयों और क्षेत्रों को कितना पैसा मिलेगा, उसका ब्योरा कुछ इस तरह है:
| मंत्रालय |
आवंटित राशि (₹ करोड़) |
| कुल बजट (FY 2026–27) |
₹ 53,47,315 |
| रक्षा मंत्रालय |
₹ 7,85,000 |
| रेल मंत्रालय |
कुल ₹2,78,030 (अंतर्राष्ट्रीय निवेश लागत ₹2,93,030) |
| स्वास्थ्य मंत्रालय |
₹ 1,06,530.42 |
| कृषि एवं ग्रामीण विकास* |
~₹ 435,000 (combined, estimated)** |
| (अन्य मुख्य क्षेत्र) |
जानकारी उपलब्ध नहीं |
| *कृषि और ग्रामीण विकास का संयुक्त बजट लगभग ₹4.35 लाख करोड़ बताया गया है। |
Tax changes and stability-
Budget 2026 में व्यक्तिगत आयकर स्लैब वैसे के वैसे ही रहेंगे। कोई बदलाव नहीं आया।
- New Income Tax Act 2025: अब बात नए आयकर अधिनियम की—ये अप्रैल 2026 से लागू होगा और पुराने, छह दशक पुराने कानून को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा।
- ITR Deadline Extended : ITR-1 और ITR-2 फाइल करने की आखिरी तारीख अभी भी 31 जुलाई है। हाँ, संशोधित रिटर्न भरने के लिए अब 31 मार्च तक का वक्त मिलेगा, लेकिन इसमें समयानुसार शुल्क देना होगा।
- TCS को लेकर राहत मिली है—अब विदेश यात्रा या टूरिज्म पैकेज पर TCS की दर सिर्फ 2% होगी, पहले 5% या 20% थी। शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए LRS पर भी TCS की दर घटकर 2% रह गई है, पहले 5% थी।
- STT में वृद्धि: डेरिवेटिव ट्रेडिंग करने वालों के लिए STT बढ़ गया है। अब Future ट्रेडिंग पर सेक्युरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स 0.05% लगेगा, पहले ये सिर्फ 0.02% था और ऑप्शन में 0.15% पहले यह 0.10% था
- Buyback Tax : शेयर बायबैक से होने वाली कमाई पर अब हर शेयरधारक को कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ेगा।
- MAT Exempt: Non-Resident Indians(NRI) के लिए MAT की छूट प्रस्तावित है, यानि इस टैक्स से राहत मिल सकती है।
- Tax on Sovereign Gold Bond (SGB): अब बजट 2026 के बाद Sovereign Gold Bond (SGB) की मैच्योरिटी यानी 8 साल पूरे होने पर मिलने वाला फायदा टैक्स के दायरे में आ गया है। चाहे आपने SGB प्राइमरी मार्केट से खरीदा हो या सेकेंडरी से, 1 अप्रैल 2026 के बाद जो भी SGB मैच्योर होंगे, उन पर सीधा 12.50% टैक्स लगेगा। पहले तो ये पूरा फायदा टैक्स फ्री था, अब इसमें बदलाव हो गया है।
- Additionally: इसके अलावा, पार्शियल TDS, फॉर्म सजेशन और कुछ फाइनेंसियल रेगुलेशंस नियमों में भी सुधार लागू होंगे, जिससे प्रोसेस आसान होगी।
| नहीं बदला: फिर भी, आयकर स्लैब, छूट की सीमा और स्टैंडर्ड डिडक्शन—इनमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। सब पुराने जैसे ही रहेंगे। |
Sector-wise Announcements-
- Defence: रक्षा(डिफेन्स ) की बात करें तो इस बार बजट बढ़कर ₹7.85 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। सरकार अब आधुनिक हथियारों और नई सैन्य टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश करने जा रही है।
- Railways and Infrastructure: रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर को भी जबरदस्त फंड मिला है ₹2,93,030 करोड़ सिर्फ रेलवे के लिए। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनने जा रहे हैं, जैसे मुंबई–पुणे, हैदराबाद–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी वगैरह। कुल मिलाकर, पब्लिक कैपिटल एक्सपेंडिचर अब ₹12.2 लाख करोड़ पर पहुंच गया है।
- Health: स्वास्थ्य क्षेत्र में भी इस बार जोरदार बढ़ोतरी दिखी। स्वास्थ्य मंत्रालय का बजट अब ₹1,06,530.42 करोड़ हो गया है पिछले साल से 10% ज्यादा। पांच नए रीजनल मेडिकल हब बनेंगे, एक लाख नए हेल्थ प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे। बायोफॉर्मा शक्ति योजना के तहत ₹10,000 करोड़ मिलेंगे और 1000 क्लीनिकल ट्रायल साइट्स भी स्थापित होंगी, जिससे बायोफार्मा प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलेगा।
- Education: शिक्षा में भी कुछ खास ऐलान हुए हैं। पूर्वी भारत में एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिज़ाइन खुलेगा और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप बनेंगी। एम्पीजी (AI और गेमिंग) लैब के तहत 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएशन लैब शुरू होंगी। हर जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास बनेगा। साथ ही, एसटीईएम रिसर्च को बढ़ाने के लिए तारामंडल सुविधाएँ भी नई जगहों पर मिलेंगी।
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Women's Empowerment : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए She-MARTS की शुरुआत होगी—यहाँ सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स की महिलाएँ खुद रिटेल आउटलेट्स चलाएँगी। “लाखपती दीदी” के बाद यह कदम महिला स्वरोजगार को और आगे ले जाएगा। - Youth and Sports: युवाओं और खेल को लेकर भी सरकार ने बड़े फैसले लिए हैं। खेल मंत्रालय को ‘खेलो इंडिया’ मिशन के तहत अगला दशक खिलाड़ी विकास और खेल सुविधाओं पर ध्यान देने के लिए संसाधन मिलेंगे। शिक्षा और कौशल विकास में अब टेक्निकल सब्जेक्ट्स और एंटरप्रेन्योरशिप पर भी खास ध्यान रहेगा, इसके लिए ‘शिक्षा से रोजगार’ समिति बनेगी।
- Digital and Startups: विदेशी कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर लगाने पर 2047 तक Tax Holiday मिलेगा। India Semiconductor Mission 2.0 शुरू होगा, इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट प्रोडक्शन के लिए बजट ₹40,000 करोड़ तक बढ़ेगा। MSME के लिए ₹10,000 करोड़ का ‘चैंपियन’ फंड मिलेगा, ताकि स्टार्टअप्स और छोटे कारोबार को ताकत मिले।
- Agriculture and Rural Development: कृषि और ग्रामीण विकास के लिए ‘भारत-विस्तार’ नाम से एक नया बहुभाषी AI पोर्टल आएगा, जिससे किसान आसानी से कृषि डेटा और सलाह ले सकेंगे। किसान सम्मान निधि और बाकी कल्याण योजनाएँ पहले की तरह चलती रहेंगी, और कृषि लोन की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
संछेप में बजट का एनालिसिस
शेयर बाजार पर बजट का असर
बजट पेश होते ही शेयर बाजार में अफरा-तफरी मच गई। सेंसेक्स दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद 1,546.84 अंक गिरकर 80,722.94 पर बंद हुआ। निफ्टी 50 ने भी लगभग 495 अंक गंवा दिए और 24,825.45 पर आकर रुका।
ब्रोकरेज कंपनियों के शेयरों की हालत सबसे खराब रही — STT बढ़ने की खबर के बाद कुछ स्टॉक्स तो 18% तक टूट गए।
बाजार का कुल पूंजीकरण करीब 9.72 लाख करोड़ रुपये कम हो गया। निवेशक असमंजस में रहे, क्योंकि टैक्स नियम सख्त हो गए हैं।
फिर भी, जो लंबे वक्त के निवेशक हैं, उन्होंने सरकार की टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस को अच्छा संकेत माना है। NSE के एमडी अशोक चौहान ने कहा कि वक्त के साथ बाजार इन बदलावों को अपना लेगा।
| निष्कर्ष : बजट 2026–27 में सरकार ने विकास और निवेश को बढ़ावा देने की बड़ी कोशिशें की हैं। आम लोगों के लिए टैक्स स्लैब में कोई राहत नहीं मिली, ये बात थोड़ी खलती है। लेकिन आधारभूत ढांचा, ग्रामीण उद्योग, और सामाजिक कल्याण की कई बड़ी घोषणाएँ हुई हैं, जिनसे आगे जाकर रोजगार के मौके और आमदनी बढ़ने की उम्मीद बनती है। निवेशकों को यह बजट कुछ खास पसंद नहीं आया । टैक्स में बढ़ोतरी और छूट में कटौती से शुरुआती झटका जरूर लगा, इसी वजह से बाजार भी पहले नाखुश दिखा। फिर भी, स्मार्ट सिटी, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एआई और इनोवेशन जैसी चीजों पर जोर है, जो लंबी दौड़ में अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। कुल मिलाकर, “सबका साथ, सबका विकास” की सोच के साथ बजट में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका असर आने वाले सालों में दिखेगा। |
समाप्त